बस्तर क्षेत्र के विकास के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना, लक्ष्यों का निर्धारण और उनकी उपलब्धि के लिए मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान बस्तर संभाग के सातो जिलों में विशेष कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य आधारित क्रियान्वयन के निर्देश विभिन्न विभागों को दिए थे। इसी संदर्भ में आज मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आदिवासी विकास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, जल संसाधन विभाग, वन विभाग, खाद्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग के सचिवों सहित बस्तर संभाग के संभागायुक्त, समस्त कलेक्टर, मुख्य वन सरंक्षक, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और समस्त वनमण्डलाधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव श्री जैन ने योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाने की बात कही है। बस्तर संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में देवगुड़ी एवं घोटूल के विकास एवं पुनर्निर्माण के संबंध में समीक्षा करते हुए श्री जैन ने कहा है कि वनवासियों के आस्था से जुड़े इन स्थानों का विकास धार्मिक आयोजनों के साथ ही सामुदायिक उपयोग के लिए भी किया जा सके इस हेतु कार्ययोजना अगस्त माह तक राज्य स्तर पर प्रस्तुत करना है। कार्ययोजना के निर्माण के लिए देवगुड़ी-घोटुल में जन सुविधा के लिए जरूरी संसाधन जैसे-पेयजल की व्यवस्था, सामुदायिक बैठकों के लिए शेड निर्माण, बाउण्ड्री, शौचालय आदि जरूरी तथ्यों को शामिल किया जाए। साथ ही देवगुड़ी-घोटुल के लिए जमीन का चिन्हांकन गांव वालों की सहमति से किया जाए। इसी से लगकर सुपोषित बाड़ी विकसित करने की कार्ययोजना को भी शामिल की जाए।

इसके लिए उन्होंने विभिन्न विभागों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फंड के साथ ही बस्तर विकास प्राधिकरण और राज्य शासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी राशि का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। वनाधिकार मान्यता पत्रों के वितरण की समीक्षा करते हुए श्री जैन ने कहा कि आगामी विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त के दिन हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्रों का वितरण किया जाना है। इस हेतु सभी जिले मान्यता पत्रों की स्वीकृति और उनके वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित कर ले। श्री जैन ने सीएसआर मद के कार्यों में आवश्यकतानुसार संशोधन की प्रक्रिया पूरी करने और राज्य स्तरीय हाई पॉवर कमेटी से इसका अनुमोदन प्राप्त करने के निर्देश दिए है। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय खनिज विकास निगम की परिक्षेत्र विकास निधि हेतु गठित हाई पॉवर कमेटी की बैठक में एनएमडीसी की सीएसआर मद से क्षेत्रों के विकास के लिए जरूरी विकास कार्यों की स्वीकृति दी गयी है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कनिष्ठ सेवा चयन आयोग की प्रगति और आयोग के माध्यम से बस्तर क्षेत्रों में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की भर्ती की समीक्षा करते हुए श्री जैन ने रिक्त पदों पर भर्ती के लिए मार्गदर्शिका बनाने के निर्देश बस्तर संभागायुक्त को दिए है। उन्होंने कहा है कि विभागों के लिए ऐसे पद जिन पर तत्काल रूप से भर्ती आवश्यक है इन्हें प्रथम चरण में शामिल करते हुए वित्त विभाग की अनुमति के लिए प्रस्तुत किया जाना है। इसके लिए श्री जैन ने राज्य में संचालित हो रहे व्यावसायिक भर्ती परीक्षा मण्डल (व्यापम) की भर्ती प्रक्रिया का अवलोकन करने कहा है। भर्ती प्रक्रिया में समस्त आवश्यक बाते जैसे-विज्ञापन का प्रारूप, आवेदन का प्रारूप, योग्यता, स्कूटनी, परीक्षा, आवेदन की सरल प्रक्रिया आदि पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। अगस्त माह के अंत तक बस्तर संभाग में रिक्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी पदों में करिष्ठ सेवा चयन आयोग के माध्यम से भर्ती के लिए जरूरी दिशा निर्देश निर्धारित करने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए हैं।

बस्तर क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन का चिन्हांकन और उनका उद्योगों के अनुरूप विकास करने के निर्देश श्री जैन ने दिए है। इसके लिए विशेष रूप से कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर और बस्तर जिले को कार्ययोजना बनाने कहा गया है। बस्तर संभाग में प्रवाहित होने वाली इंद्रावती नदी सहित अन्य नदियों पर सिंचाई के लिए मेगा लिफ्ट योजनाओं के निर्माण के लिए कार्ययोजना बनाने कहा गया है। इसके लिए जल संसाधन-राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण और क्षेत्र के हितग्राहियों से चर्चा के निर्देश दिए गए है।

सड़क किनारे के वृक्षारोपण को सुरक्षित रखने के लिए बांस के ट्री-गार्ड के निर्माण और उनके विक्रय की राशि के भुगतान की समीक्षा करते हुए श्री जैन ने कहा कि समूहांे द्वारा निर्मित ट्री-गार्ड के खरीदी की शेष बकाया राशि का भुगतान 15 अगस्त तक कर लिए जाए और इस वर्ष के लिए ट्री-गार्ड की खरीदी की कार्ययोजना जिलेवार बना लिए जाए। वन क्षेत्रों से घास की कटाई और चारागाह विकास की समीक्षा करते हुए श्री जैन ने पिछले वर्ष और इस वर्ष के हरे चारे की उत्पादन का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत करने कहा है। साथ ही चारागाह में लगाए गए नेपियर घास के उत्पादन और कटाई पर विशेष ध्यान देने कहा है। समर्थन मूल्य में मक्के की खरीदी में जिला स्तर पर आ रही प्रमुख समस्याओं और उनका निराकरण के निर्देश श्री जैन ने दिए है।

मक्का उत्पादक किसानों को विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी मोबाईल संदेश के माध्यम से    देने कहा है। खाद्य विभाग के सचिव को नियमित रूप से मक्का उत्पादक जिलों का भ्रमण और किसानों से चर्चा करने के निर्देश दिए गए है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिीनिक योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा है कि बस्तर क्षेत्र के सभी हाट बाजारों में मेडिकल टीम नियमित और निश्चित रूप से पहुंचे इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव वन श्री मनोज पिंगुआ, सचिव सामान्य प्रशासन श्री डी.डी. सिंह, मिशन संचालक स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।