मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती : आम जन-जीवन की पीड़ा नेे रचा मुंशी प्रेमचंद का साहित्य : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मुंशी प्रेमचंद जी की आज 31 जुलाई को जयन्ती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होने मुंशी प्रेमचंद (श्री धनपतराय श्रीवास्तव) के साहित्य में योगदान को याद करते हुए कहा कि उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने आम आदमी के दुख दर्द को अपने साहित्य में उतारा। उनकी ज्यादातर रचनाएं आम आदमी की गरीबी और बेबसी का यथार्थ चित्रण हैं। उन्होंने सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार, जमींदारी, कर्जखोरी, गरीबी, उपनिवेशवाद का बड़ी कुशलता से अपने साहित्य में वर्णन किया। प्रेमचंद एक संवेदनशील लेखक थे जिन्होंने सरल, सहज और आम बोल-चाल की भाषा का उपयोग किया और अपने प्रगतिशील विचारों की अमूल्य साहित्य की विरासत छोड़ गए है।