छत्तीसगढ़ में जल्द लगेगा धान से एथेनाॅल बनाने का प्लांट, 6 जिलों में प्लांट लगाने की केंद्र ने दी मंजूरी

छत्तीसगढ़ में धान से एथेनाल बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। वहीं फूड प्रोसेसिंग प्लांट के लिए काम तेज हो गया है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि धान से एथेनॉल बनाने की योजना को केन्द्र से मंजूरी मिल चुकी है। प्रदेश के 6 जिलों में प्लांट लगाने का काम भी जल्द शुरु हो जाएगा।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में भी छत्तीसगढ़ सरकार लोगों को रोजगार दिलाने और नए निवेश के लिए लगातार प्रयास कर रही थी, इसी का परिणाम है कि संक्रमण के इस दौर में भी राज्य के बेहतर प्रयासों के कारण केन्द्र सरकार ने धान और मोलासिस से एथेनाल बनाने की अनुमति दे दी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए 12 अलग-अलग कंपनियों ने रुचि दिखाई थी जिसमें से 6 कंपनियां प्लांट लगाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। सीएम ने बताया कि यह अच्छी बात है कि राज्य के स्थानीय उद्यमियों ने प्लांट लगाने में रुचि दिखाई है।

वहीं एक कंपनी ओडिशा तथा एक पुणे की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बालोद, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार और जांजगीर-चांपा में धान से एथेनाल बनाने का प्लांट लगाया जाएगा क्याेंकि इन जिलों में धान का उत्पादन अधिक होता है साथ ही इन जिलों में ज्यादा क्षमता वाले भंडार गृह भी हैं। इन छह जिलों में प्लांट स्थापित होने से वहां के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। सीएम ने बताया कि सभी निवेशकों को उद्योगनीति के तहत दी जाने वाली रियायतों के साथ बीस्पोक पाॅलिसी के तहत भी रियायतें दी जाएंगी।

फूड प्रोसेसिंग प्लांट भी

सीएम भूपेश ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में उत्पादित होने वाली फलों और सब्जियों के बाइप्रोडक्ट तैयार करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। इसके लिए फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह प्लांट उन जिलों में लगाए जाएंगे जहां पर फल और सब्जियों का उत्पादन अधिक होता है।

हर घर से खरीदेंगे गोबर, अर्थव्यवस्था सुधरेगी, मिलेगा रोजगार

सीएम ने बताया कि गोधन योजना के तहत हम गांव के हर उस घर से गोबर खरीदने की योजना पर काम कर रहे हैं जिनके घर एक भी मवेशी है। उन्होंने कहा कि इस योजना के दूरगामी परिणाम होंगे। इससे रोजगार मिलेगा, खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं युवकों को राेजगार भी मिलेगा। सीएम ने बताया कि गौठानों को हम आजीविका केन्द्र के रुप में विकसित कर रहे हैं। प्रदेश के 11 हजार पंचायतों के कवर करने के लिए प्रदेश में पांच हजार गौठानों का निर्माण दो महीने के भीतर पूरा हो जाएगा। इस योजना के शुरु होते हुए सड़कों से मवेशी गायब हो जाएंगे। इससे रात में मवेशियों के कारण होने वाले हादसों में कमी आएगी।

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