रायपुर : गोधन न्याय योजना बन गई पशुपालक लतीफ बघेल के लिए आमदनी का माध्यम

150 क्विंटल गोबर बेचने से हुई 3 लाख की अतिरिक्त आमदनी

छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना गौपालकों, किसानों और ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आमदनी का माध्यम बन गई है। इस योजना से होने वाले लाभ की वजह से ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण बना है। पशुओं की देखभाल एवं उनके संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर भी अब ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी है। गोबर ग्रामीणों के लिए अब धन बन गया है। कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के ग्राम तराई घोटिया के कृषक लतीफ बघेल को गोधन न्याय योजना से अब अच्छा खासा मुनाफा होने लगा है। लतीफ बघेल ने 20 जुलाई शुरू हुई गोधन न्याय योजना के तहत अब तक 150 क्विंटल गोबर का विक्रय गौठान में 2 रूपए किलो की दर से करके लगभग 3 लाख रूपए की अतिरिक्त आय अर्जित की है।

लतीफ बघेल के पास 9 भैंस, 4 गाय और 4 बछडे हैं, जिससे नियमित रूप से गोबर एकत्रित कर गांव के ही गौठान में बेचते हैं। उन्हें दुग्ध उत्पादन होने वाली आमदनी के साथ-साथ अब गोबर से भी लाभ मिलने लगा है। जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हई है। गोबर विक्रय से हुई आमदनी को लतीफ बघेल ने खेती-किसानी को समृद्ध बनाने के साथ ही  बोर खनन कर सिंचाई की सुविधा जुटा ली है। गोधन न्याय योजना ग्रामीण अंचल के पशुपालकों एवं गरीब ग्रामीणांे के लिए आर्थिक आय हासिल करने का जरिया बन गई है। जिससे उनकी दैनिक जरूरतें सहजता से पूरी होने लगी है। जिससे कांकेर जिले में 197 गौठानों में दो रूपये प्रतिकिलो की दर से गोबर खरीदा जा रहा है। गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गये गोबर का पहला भुगतान 5 अगस्त को शासन द्वारा गोबर विक्रेता किसानों के बैंक खाता में किया गया था, जिससे कांकेर जिले के 02 हजार 177 किसानों लाभांवित हुए थे। गोधन न्याय योजना के तहत बेचे गए गोबर के एवज में हर पखवाड़े नगद राशि मिलने से जिले के किसान बेहद खुश है और इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हैं।

Leave a Reply