विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की अंतिम रस्म / रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज जगदलपुर में बस्तर दशहरा के अंतर्गत आयोजित ‘मुरिया दरबार‘ में शामिल हुए…

बस्तर दशहरा की अंतिम रस्म है मुरिया  दरबार 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज जगदलपुर में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के अंतर्गत आयोजित ‘मुरिया दरबार‘ में शामिल हुए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति विकास और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप, जगदलपुर महापौर श्रीमती सफिरा साहू, बस्तर महाराजा श्री कमलचंद भंजदेव, बड़ी संख्या में मांझी, चालकी, मेंबरीन तथा प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए।

रियासत काल में दशहरे के समापन के अवसर पर मुरिआ  दरबार का आयोजन राजमहल में ही होता था। इसमें गांव गांव से आए मांझी, चालकी , पटेल, मेंबर , मेम्ब्रिन आदि राजा के समक्ष अपनी समस्याए रखते थे। राजा उन समस्याओ का निदान किया करता था। आज लोकतंत्र के समय में भी यह परंपरा कायम है। बदलाव इतना है की यह कार्यक्रम अब लोकतान्त्रिक व्यवस्था केअनुरूप होता है।जिसमे शासन प्रशासन के नुमाइंदे मौजूद होते है। ग्रामीण उन्हें अपनी समस्याए बताते है और उनका निदान करने की जिम्मेदारी शासन प्रसाशन की होती है। परंपरागत रूप से राजपरिवार का सदस्य भी यहाँ मौजूद रहता है।

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