बच्चों के लिए डेल्टा से ज्यादा घातक हो सकता है ओमिक्रोन,मुख्य रूप से ऊपरी श्वसन पथ को करता है प्रभावित

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट ने लोगों में एक बार फिर डर का माहौल पैदा कर दिया है. एक्सपर्ट्स की मानें तो ओमिक्रोन वेरिएंट के फैलने की रफ्तार डेल्टा वायरस से कहीं ज्यादा है. ओमिक्रॉन वेरिएंट का ट्रांसमिशन रेट पिछले सभी वेरिएंट से काफी ज्यादा बताया जा रहा है. भारत में आए अल्फा वेरिएंट से एक इंसान दो से तीन इंसान संक्रमित हो रहे थे. इसके बाद दूसरी लहर डेल्टा वेरिएंट का ट्रांसमिशन रेट 6.5 यानी पहले से तीन गुना तेज था. अब ओमिक्रॉन वेरिएंट को उससे भी तेज बताया जा रहा है. कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन संस्करण के उदय के बीच, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शनिवार को चेतावनी दी कि इस संस्करण से बच्चों को डेल्टा संस्करण की तुलना में अधिक समस्याएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, ओमाइक्रोन संस्करण बच्चों के लिए अधिक घातक हो सकता है क्योंकि यह संस्करण मुख्य रूप से ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित करता है और बच्चों में वयस्कों की तुलना में उच्च श्वसन दर होती है, जिससे वे हवा में एजेंटों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।

श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली के रेस्पिरेटरी मेडिसिन के वरिष्ठ सलाहकार अनिमेष आर्य ने कहा, “बच्चों का श्वसन पथ वयस्कों की तुलना में छोटा होता है और यह नया संस्करण संक्रमित रोगियों में ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित कर रहा है।”
आर्य ने कहा, “इसलिए यह कहा जा सकता है कि बच्चों में अधिक समस्याएं होने की संभावना है, जो चिंता का विषय हो सकता है लेकिन वयस्कों की तुलना में घातक नहीं है।”

नारायणा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (गुरुग्राम) में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट तुषार तायल का इस विषय पर कहना है कि पिछले वैरिएंट्स की तुलना में ओमिक्रॉन बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित बच्चों में वयस्कों जैसे लक्षण (खांसी, जुकाम, बुखार) ही देखने को मिल रहे हैं.

 

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