हाट-बाजार क्लीनिक के माध्यम से अब तक 30 लाख से अधिक लोगों का इलाज

छत्तीसगढ़ के वनांचलों और ग्रामीण इलाकों के हाट-बाजारों में स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमों द्वारा 30 लाख 23 हजार 941 लोगों को इलाज मुहैया कराया गया है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के माध्यम से प्रदेश के 1839 हाट-बाजारों में क्लिनिक लगाकर लोगों की निःशुल्क जांच व उपचार कर दवाईयां दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा योजना की शुरूआत के बाद से अब तक प्रदेश भर में कुल 79 हजार 859 हाट-बाजार क्लिनिक आयोजित कर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। योजना के अंतर्गत राज्य में 410 डेडिकेटेड ब्राडिंग वाहन तथा चिकित्सा दलों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में लोगों का इलाज किया जा रहा है।

हाट-बाजार क्लिनिकों में जरूरतमंदों को निःशुल्क उपचार, चिकित्सीय परामर्श और दवाईयां उपलब्ध कराने के साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा मलेरिया, एचआईव्ही, मधुमेह, एनिमिया, टीबी, कुष्ठ रोग, उच्च रक्तचाप और नेत्र विकारों की जांच भी की जा रही है। इन क्लिनिकों में शिशुओं और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी किया जा रहा है। हाट-बाजार क्लिनिकों में ओ.पी.डी. आधारित आठ प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जांच के बाद व्याधिग्रस्त पाए गए लोगों को निःशुल्क दवाईयां भी दी जाती हैं।

जिन मरीज़ों को उच्च स्तरीय जाँच अथवा उपचार की आवश्यकता होती है उन मरीज़ो को हाट-बाज़ार क्लिनिक से सीधे स्वास्थ्य केंद्र में रिफर भी किया जा रहा है जिससे उनका सम्पूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक छह लाख 39 हजार 901 लोगों के उच्च रक्तचाप, पांच लाख 18 हजार 10 लोगों की मधुमेह, दो लाख 50 हजार 686 लोगों की मलेरिया जांच, दो लाख 75 हजार 509 लोगों की रक्त-अल्पता (एनीमिया) और एक लाख 614 लोगों में नेत्र विकारों की जांच की गई है। इन क्लिनिकों में 25 हजार 962 लोगों की टीबी, 7761 लोगों की कुष्ठ और 19 हजार 352 लोगों की एचआईव्ही जांच भी की गई है। इस दौरान 52 हजार 822 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच भी की गई है। हाट-बाजारों में आयोजित क्लिनिकों में 73 हजार 805 डायरिया पीड़ितों का भी उपचार किया गया है।

मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिकों के माध्यम से अब तक बालोद जिले में एक लाख 74 हजार 362, बलौदाबाजार-भाटापारा में 55 हजार 190, बलरामपुर-रामानुजगंज में 74 हजार 823, बस्तर में 85 हजार, बेमेतरा में दो लाख 16 हजार 90, बीजापुर में 96 हजार 222, बिलासपुर में एक लाख 69 हजार 888, दंतेवाड़ा में 92 हजार 808, धमतरी में 34 हजार 894, दुर्ग में 96 हजार 297, गरियाबंद में एक लाख तीन हजार 462, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 57 हजार 342, जांजगीर-चांपा में 80 हजार 548 और जशपुर में एक लाख 27 हजार 857 लोगों का इलाज किया गया है।

योजना के तहत कबीरधाम में 62 हजार 520, कांकेर में एक लाख 21 हजार 498, कोंडागांव में 61 हजार 603, कोरबा में 95 हजार 76, कोरिया में 78 हजार 370, महासमुंद में एक लाख 82 हजार 514, मुंगेली में 62 हजार 858, नारायणपुर में 32 हजार 864, रायगढ़ में दो लाख 37 हजार 456, रायपुर में 80 हजार 317, राजनांदगांव में एक लाख 90 हजार 712, सुकमा में 42 हजार 237, सूरजपुर में दो लाख 24 हजार 495 तथा सरगुजा जिले में 99 हजार 758 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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